खरलो अंगुर नो वेलो
1 खरलो वेलो मेत से अने मारो बाह कीरसाण से। 2 जे डाळ नी फाले, तीने मारो बाह वाडी नाखे, अने जे फाले, तीने तीहयो साटे के अळी बी वदु फाले। 3 तमने जे ह़ीकापण मे आपलो से, तीहयी ह़ीकापण नी लारे तमु चोखा हय जेला से। 4 तमु मारी मे बणला रेवो अने मे तमारी मे जीसम डाळ कदी थुड़ मे बणीन नी रेय, ता आह़फीत नी फाल सके, तेमेत तमु बी कदीम मारी मे बणीन नी रेवो ता तमु बी नी फाली सको।
5 मे अंगुर नो वेलो से, अने तमु मारा डाळ्या से। मारी गेथा आंग्ये हय्न तमने कंय बी नी कराय। एतरे जे मारी मे जोड़ायलो रेय अने मे तीनी मे जोड़ायलो रेम, तीहयो घणो फालहे। 6 जे मारी मे जोड़ायला नी रेय, तीहया ते डाळ्या ह़रका से, जीने कीरसाण वाडीन नाख देय, अने तीहया ह़ुक जाय। अने कीरसाण ते डाळ्या ने चुटीन आक्ठा मे नाख देय अने तीहया धप जाय। 7 कदी तमु मारी मे जोड़ायला रेहु, अने मारी ह़ीकापण ने पाळता रेहु, ता जे जोवे तीहयु वीन्ती करीन मांगजो, अने मे तमने आप देही। 8 तमु घण ढेरका फोळ लावहु, ता मारा भगवान बाह नी बड़ाय हयहे, तात तमु मारा चेला बण जहु।