ईसु छीनाळ बयर ना पाप माफ करे
1 ईसु जेतुन ना बड़ा पोर ज्यो। 2 अने ह़वारे मंदीर मे आयो, अने आखा माणहु ईसुन्तां आया, अने तीहयो बहीन तीमने ह़ीकाड़वा बाज ज्यो। 3 तत्यार सास्तर ह़ीकाड़न्या अने फरीसी एक बयर ने धरीन लाया, अने तीने वच मे उबी कर देदा, काहाके तीने छीनाळु करतली देख पाड़ला, अने ईसु ने केदा, 4 "ए गुरु!" आहयी बयर ने छीनाळु करतली देख पाड़ला से 5 मुसा ना कायदा मे लीखलु से के आसवी छीनाळ्याण बयर ने दगड़ाटीन मार नाखवा जोवे। एतरे आहयी बयर ना बारा मे तारु ह़ु केणु पड़े। 6 तीहया ईसु ने पारखवा करीन आहयी वात केदा, ईसु पोर गुनो लगाड़वा करीन कंय वात जड़ जाय, पण ईसु ढुंगो वळीन आगळ्ये करीन भोयमे लीखवा लाग्यो। 7 जत्यार तीहया ईसु ने पुछता र्या, ता ईसु उबो हय्न तीमने केदो, "तमारी मे जे कोय पाप नी कर्यो हय, तीहयोत आखान पेले आहयी बयर ने दगड़ो देवो।" 8 अने अळी ढुंगो वळीन धरती पोर लीखवा बाज ज्यो। 9 अने आहयु ह़मळीन मोट्ला गेथा नान्ला लग, आखा एकीक करीन जत र्या। अने तां ईसु अने तीहयी बयर री जी। 10 ईसु उबो हय्न तीहयी बयर ने केदो, "ए बाय जात! तीहया माणहु कां जत र्या? तने कोय बी डंड नी आप्यो ह़ु?"
11 तीहयी बयर केदी, ए मालीक!
कोय बी डंड नी आप्यो। ईसु तीने केदो, मे बी तने डंड नी आपतो। जा, अने अळी पाप नी करजे।