44 काहाके तमु भुतड़ा नी अवल्यात से, तमारा बाह नी मरजी पुरी करवा हींड र्या। तीहयो ते सुरु गेथो हत्यारो से, अने तीहयो सच्चाय भणी कदी नी वळ्यो, अने काहाके सच्चाय तीनी मे हयेत नी। तीहयो जलम झुटेत मेक्या करे, काहाके तीहयो झुटो एतरोत नी, पण झुट नो बाह से।