24 पण मे आनीन करते आसम केदो, के तमु एम जाण लेवो, के मे मनख्यान सोरा ने धरती पोर पाप नी माफी आपवा नो हक से।" ईसु लखवा ना मांदला माणेह ने केदो मे तने केम, "उठ, अने तारु खाटलु चुट अने तारा घोर जत रे!"
24 पण मे आनीन करते आसम केदो, के तमु एम जाण लेवो, के मे मनख्यान सोरा ने धरती पोर पाप नी माफी आपवा नो हक से।" ईसु लखवा ना मांदला माणेह ने केदो मे तने केम, "उठ, अने तारु खाटलु चुट अने तारा घोर जत रे!"