41 तीहयी वखत आयर नाम नो एक माणेह जे भगवान ना भक्ती ना घोर नो मुखी हतो, तीहयो ईसुन्तां आवीन तीना पोगुन्तां पड़्यो, अने रावण्या करीन वीन्ती कर्यो के मारा घोर चाल। 42 काहाके तीनी बारे साल नी एकीत सोरी हती अने तीहयी मरवात वाळी हती। अने ईसु तीनी ह़ाते चाल पड़्यो अने जत्यार ईसु जवा बाज रेलो हतो, तत्यार माणहु धकलाय्न तीनी पोर पड़े ईसम हय जता हता।