17 आह़फा ना मन मे एक बीजा पोर रीह नी राखजो; आह़फाम ना ह़ाते वाळा ने जरुड़ वडजो, नीता आसम नी हय जाय के तीना पाप नो भार तमने उचलवा पड़े। 18 बदलो नी लेजो अने तमारा भाय-बेटा सी दुस्मनी नी करजो पण एक बीजा ने आह़फाम ने तेम मोंग करजो; में यहोवा से।
Publicidade