भगवान सी मेळ राखो
1 अने जत्यार आमु भरहा सी धरमी ठेर्या, ता आपणा मालीक ईसु मसी ना लारे भगवान ह़ाते मेळ राखो। 2 जीना लारे भरहा ना कारण तीहयी दया लग जीनी मे आमु बणला से, अमारी पुग बी हयी, अने भगवान नी बड़ाय नी आह पोर घमंड करो। 3 नीस्तु आहयु नी, बाखीन आमु दुख मे बी घमंड करो, आहयु जाणीन के दुख मे धीरज से। 4 अने धीरज सी खरा नीकळवा, अने खरा नीकळवा सी आह पयदा हये।