3 जत्यार आपणु घोड़ा ने कब्जा मे करवा करीन तीना मोडा मे लगाम पेराव्वा पड़े। तात, घोड़ो बंदाय। अने आपणु तीने, जां लीजवा हय तां ली जाय सकया। 4 जरीक वीच्यार करो! दर्या मे चालन्यु ढुंड्यु बी घणु मोटु रेय। दर्या मे घण-जबर चालवा वाळी आंजी मे तीहयु एथुन-एथु फीर जाय। ते बी एक नान्ला हींडल ना लारे ढुंड्यु चलाड़न्यु आंजी मे ढुंड्या ने जां लीजवा हय तां लीत्ती रेय।
5 तेमेत जीप बी आपणा डील नो नानुह एक अंग से, ते बी मोटी-मोटी वात करवा मे कुहराये नी। पण आहयी जीप नी लेदे, आक्ठु ना तीणगा ना बारा मे वीच्यार करो! आहया तीणगा नी लारे बड़ा मे हुड़ु-हुड़ु आक्ठु लाग जाय। 6 होव जीप बी एक आच से, आहयी बुराय नी एक आखी कळी से, आहयी जीप आपणा डील नो एक एवो अंग से जे आखा डील ने बगाड़ देय। अने अमारी आखी जीवाय मे आक्ठु लगाड़ देय, आहयी जीप नरक नी आक्ठी सी धपती रेय।
7 आहयी कळी मे वाळा भात-भाती ना जंगली जानवरु ने, अने पाणी मे चालवा-फीरवा वाळा जानवरु ने, अने भात-भाती ना चड़ा ने, अने धरती पोर घहड़ाय्न चालन्या भात-भाती ना जानवरु ने माणहु बदाड़ सके, अने घण झाजा जानवरु ने बदाड़ बी लेदला से। 8 माणहु नी जीप ने कोय बी माणेह बदाड़ नी सके। जीप मे गेथा नीकळवा वाळा खोड़ला बोलु ते कुहराय ने उबजाड़े। ह़ाचली ने जीप, जीव ली लेय, एसवी जेहर ह़ारकी से।