44 उन राजा गिन को दिवस गिनमा सरग को परमेस्वर एक असो राज पयदा करहेत, जोन हरामेसा को लाय होहेत वा कभ्भु नही टूटेत। अखीन वा कभ्भू दूसरो लोक को हातमा नही कियो जाहेत। पर वा सबरी राज गिनला चूरा-चूरा कर डाकेत। अखीन उनको आखीर कर देहेत। अखीन उ हरामेसा उभो रहेत।
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