6 सक्कार लक धरके दिन बुड़त तकन बीज बोवत रव्हो, काहेकि तुमला पता नहाय का सक्कार को, की संजा को बीज फरवालो होयेत या दूई को दूई साजरो हीटेत ।
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6 सक्कार लक धरके दिन बुड़त तकन बीज बोवत रव्हो, काहेकि तुमला पता नहाय का सक्कार को, की संजा को बीज फरवालो होयेत या दूई को दूई साजरो हीटेत ।