1 काहेका अमी गवाही को इतरो मोठ्यो गरदी लक घिरयो हुयो सेजन। जोन अमीला बिस्वास को मन्जे काय सेत? यो गोस्टी को पुरुप सेत। एकोलाय आओ बाधा पहुँचान वालो हरेक चीजला अना वोना पाप को जोन सरड़ मा अमीला उलझा लेवासेत। फटाकनारी फेंकके अना उ दौड़मा धावनो सेत, आओ अमी धीरज लक धावबिन। 2 आमरो बिस्वास को नेता अना वोला पुरो लक उसे सिद्ध करन वालो यीसु पर नजर लगावो। जोनला आपरो समोर हाजिर आँनद को लाय कूरूस मा दुख झेलयो, वोको लाजको कोनी चिंता नहीं होतयो। अना परमेस्वर को सिंघासन को उजो हातमा बस गयो।
3 वोको धियान करो! जोनना जिसने पापीहुन को असो बिरोध एकोलाय सहयो। जोन लक थक हार के तुमरो मन नोको बस जाय।