रब की शफ़क़त की सताइश
1 दाऊद का ज़बूर।
ऐ मेरी जान, रब की सताइश कर! मेरा रगो-रेशा उसके क़ुद्दूस नाम की हम्द करे!
2 ऐ मेरी जान, रब की सताइश कर और जो कुछ उसने तेरे लिए किया है उसे भूल न जा।
3 क्योंकि वह तेरे तमाम गुनाहों को मुआफ़ करता, तुझे तमाम बीमारियों से शफ़ा देता है।
4 वह एवज़ाना देकर तेरी जान को मौत के गढ़े से छुड़ा लेता, तेरे सर को अपनी शफ़क़त और रहमत के ताज से आरास्ता करता है।
5 वह तेरी ज़िंदगी को अच्छी चीज़ों से सेर करता है, और तू दुबारा जवान होकर उक़ाब की-सी तक़वियत पाता है।