Pular para o conteúdo
Publicidade

ज़बूर 54

ख़तरे में फँसे हुए शख़्स की इल्तिजा

1 दाऊद का ज़बूर। हिकमत का यह गीत तारदार साज़ों के साथ गाना है। यह उस वक़्त से मुताल्लिक़ है जब ज़ीफ़ के बाशिंदों ने साऊल के पास जाकर कहा, "दाऊद हमारे पास छुपा हुआ है।"

ऐ अल्लाह, अपने नाम के ज़रीए से मुझे छुटकारा दे! अपनी क़ुदरत के ज़रीए से मेरा इनसाफ़ कर!

2 ऐ अल्लाह, मेरी इल्तिजा सुन, मेरे मुँह के अलफ़ाज़ पर ध्यान दे।

3 क्योंकि परदेसी मेरे ख़िलाफ़ उठ खड़े हुए हैं, ज़ालिम जो अल्लाह का लिहाज़ नहीं करते मेरी जान लेने के दरपै हैं। (सिलाह)

4 लेकिन अल्लाह मेरा सहारा है, रब मेरी ज़िंदगी क़ायम रखता है।

5 वह मेरे दुश्मनों की शरारत उन पर वापस लाएगा। चुनाँचे अपनी वफ़ादारी दिखाकर उन्हें तबाह कर दे!

6 मैं तुझे रज़ाकाराना क़ुरबानी पेश करूँगा। ऐ रब, मैं तेरे नाम की सताइश करूँगा, क्योंकि वह भला है।

7 क्योंकि उसने मुझे सारी मुसीबत से रिहाई दी, और अब मैं अपने दुश्मनों की शिकस्त देखकर ख़ुश हूँगा।

Domínio Público. Esta tradução bíblica de domínio público é trazida a você por cortesia de eBible.org.

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.