4 फेर शिमशोन नै जाकै तीन सौ लोमड़ियां पकड़ी, अर मशाल लेकै दो-दो लोमड़ियां की पूँछ एक गैल बाँध्धी, अर उनकै बीच एक-एक मशाल बाँधी। 5 फेर मशालां म्ह आग लगाकै उसनै लोमड़ियां ताहीं पलिश्तियाँ के खड़े खेत्तां म्ह छोड़ दिया; अर पूळयाँ के ढेर बलके खड़े खेत अर जैतून की बारियाँ भी जळगी। 6 फेर पलिश्ती पूछण लाग्गे, "यो किसनै करया सै?" माणसां नै कह्या, "उसके तिम्नाह के दामाद शिमशोन नै यो ज्यांतै करया, के उसके ससुर नै उसकी पत्नी का उसके संगी तै ब्याह कर दिया।" फेर पलिश्तियाँ नै जाकै उस पत्नी अर उसके पिता दोन्नु ताहीं आग म्ह जळा दिया।
14 वो लही ताहीं आ ग्या पलिश्ती उसनै देखकै ललकारण लाग्गे; फेर यहोवा का आत्मा उसपै बल तै उतरया, अर उसकी बाजूआं की रस्सियाँ आग म्ह जळे होए सण के बराबर होगी, अर उसके हाथां के बन्धन मान्नो गळकै टूट पड़े। 15 फेर उसनै गधे के जबड़े की हाड्डी मिली, अर उसनै हाथ बढ़ाकै उस ताहीं ले लिया अर उसतै एक हजार माणसां ताहीं मार गेरया।
20 शिमशोन तो पलिश्तियाँ के इस्राएलियाँ पर राज करण कै दिनां म्ह बीस साल ताहीं इस्राएल का न्याय करदा रह्या।