18 यो देखकै, के उसनै अपणे मन का सारा भेद मेरे ताहीं बता दिया सै, दलीला नै पलिश्तियाँ के सरदारां के धोरै सन्देसा भेज्या, "इब की बार फेर आओ, क्यूँके उसनै अपणे मन का सारा भेद मेरे ताहीं बता दिया सै।" फेर पलिश्तियाँ के सरदार हाथ म्ह रुपया लिए होए उसके धोरै गए। 19 फेर उसनै उस ताहीं अपणे घुटन्या पै सुळाए राख्या; अर एक माणस बुलवाकै उसके सिर की सात्तु लट मुँण्डवा दी। अर वो उसनै दबाण लाग्गी, अर वो निर्बल होग्या। 20 फेर उसनै कह्या, "हे शिमशोन, पलिश्तियाँ के सरदार तेरी घात म्ह सैं!" फेर वो चौंककै सोच्चण लाग्या, "मै पैहले की तरियां बाहर जाकै झटकूँगा।" वो तो ना जाणै था, के यहोवा उसके गैल तै चल्या गया सै। 21 फेर पलिश्तियाँ नै उस ताहीं पकड़कै उसकी आँख फोड़ दी, अर उसनै गाज़ा नगर म्ह ले जाकै पीतळ की बेड़ियाँ तै जकड़ दिया; अर वो बन्दीगृह म्ह चाक्की पीसण लाग्या। 22 उसके सिर के बाळ मुँण्ड जाणकै बाद फेर बढ़ण लाग्गे।
Publicidade