6 फेर दलीला नै शिमशोन तै कह्या, "मन्नै बता दे के तेरे बड़े बल का भेद के सै, अर किस तरियां तै कोए तन्नै बाँधकै राख सकै सै।" 7 शिमशोन नै उसतै कह्या, "जै मै सात इसी नई-नई ताँत्यां तै बाँध्या जाऊँ जो सुखाई ना गई हों, तो मेरा बल घट जावैगा, अर मै साधारण माणस जिसा हो जाऊँगा।" 8 फेर पलिश्तियाँ के सरदार दलीला कै धोरै इसी नई-नई सात ताँत16:8 धनुष पै बांध्या होया धागा लेगे जो सुखाई ना गई थी, अर उनतै उसनै शिमशोन ताहीं बाँध्या। 9 उसकै धोरै कुछ माणस कोठड़ी म्ह घात लगाऐ बैठ्ठे थे। फेर उसनै उसतै कह्या, "हे शिमशोन, पलिश्तियाँ के सरदार तेरी घात म्ह सैं!" फेर उसनै ताँत्यां16:9 धनुष पै बांध्या होया धागा ताहीं इसा ताेड़या जिसा सण का सूत आग तै छुन्दे ए टूट जावै सै। अर उसके बल का भेद ना खुल्या।
10 फेर दलीला नै शिमशोन तै कह्या, "सुण, तन्नै तो मेरे ताहीं छल करया, अर झूठ कह्या सै; इब मन्नै बता दे के तू किस चीज तै बन्ध सकै सै।" 11 उसनै उसतै कह्या, "जै मै इसी नई-नई रस्सियाँ तै जो किसे काम म्ह ना आई हों कसकै बाँध्या जाऊँ, तो मेरा बल घट जावैगा, अर मै साधारण माणस के बराबर हो जाऊँगा।" 12 फेर दलीला नै नई-नई रस्सी लेकै अर उस ताहीं बाँधकै कह्या, "हे शिमशोन, पलिश्तियाँ के सरदार तेरी घात म्ह सैं!" अर कुछ माणस उस कोठड़ी म्ह घात लगाऐ होए थे। फेर उसनै रस्सियाँ ताहीं सूत के बराबर अपणी बाजुआं पै तै तोड़ गेरया। 13 फेर दलीला नै शिमशोन तै कह्या, "इब तक तू मेरे तै छल करदा, अर झूठ बोल्दा आया सै; इब मन्नै बता दे के तू किसतै बन्ध सकै सै?" उसनै कह्या, "जै तू मेरे सिर की सात्तु लटां नै ताणे म्ह बुणे तो बन्ध सकूँगा।" 14 आखर उसनै उस ताहीं खूँटी तै जकड्या। फेर उसतै कह्या, "हे शिमशोन, पलिश्तियाँ के सरदार तेरी घात म्ह सैं!" फेर वो नींद तै चौंक उठ्या, अर खूँटी ताहीं उखाड़ कै उसनै ताणे समेत ले गया।