पृथ्वीमेसे निकर्लक दैँतुरवा
11 तब मै एकथो आकुर दैँतुरवाहे पृथ्वीमेसे निक्रत देख्नु। यकर दुईथो सीङ रहिस जसिके पठ्वक रथिन। पर जब यी बोलल ते यकर आवाज बरवार सँप्वक आवाज हस रहिस। 12 यी दोसुर दैँतुरवा उ सुरुक दैँतुरवक सक्कु अधिकारहे प्रयोग करत। यी दोसुर दैँतुरवा पृथ्वी और यम्ने रहुइयनहे उ सुरुक दैँतुरवक पुजा करवाइत, जेकर सीङमेसे उहिहे मुवैना खतरा चोखागिल रहिस। 13 यी दोसुर दैँतुरवा मनैनके आघे अचम्मक चिन्हा देखाए। यहाँसम कि आकाशमेसे आगीहे तरे लयाने ताकि उ आगी पृथ्वीमे गिरे, जब मनै हेरे भिरल रहिँत। 14 बहुत्ते मनै यी दोसुर दैँतुरवक अचम्मक कामसे प्रभावित होगिलाँ। जोन काम यी दैँतुरवा उ सुरुक दैँतुरवक शक्तिसे करतेहे, और ओइने धोखा खागिलाँ। यी दोसुर दैँतुरवा मनैनहे कहल कि ओइने उ सुरुक दैँतुरवक पुजा करक लग एकथो मूर्ति बनाइँत। जोन दैँतुरवक सीङमे उहिहे मुवा दर्ना हस खटरा होगिल रहिस, पर पाछे फेनदोस्रे चोखागिल रहिस। 15 यी दोसुर दैँतुरवाहे परमेश्वरके ओहोँरसे सुरुक दैँतुरवक मूर्ति बनाके उहिहे जित्ति करना अनुमति देगिलस। ताकि उ दैँतुरवक मूर्ति बोले फेन सेके, और उ मनैनहे मरवादेहे, जेने उ दैँतुरवक मूर्तिहे पुजा नै करथाँ।