1 यी सक्कु घटना होके सेकके, मै, यूहन्ना स्वर्गमे एकथो दवार खुलल देख्नु। और वहाँ महिन्से केऊ बोलतेहे। और वहे बोलतेहे जेकर आवाज पहिले मै सुनल रहुँ। जेकर आवाज तुरहीक आवाज हस रहे। तब ऊ महिन्हे कलाँ, "यहोँर उप्पर मोरिक थेन आऊ। और आब यकर पाछे ज्या हुई वहे मै तुहिन्हे देखैम।" 2 पवित्र आत्मा मोरिक उप्पर आइल। और मै स्वर्गमे एकथो सिंहासन देख्नु, और उ सिंहासनमे किहुहे बैठल देख्नु। 3 वहाँ बैठुइयक अनुहार असिन बहुमूल्य पठरा हस चम्कतिहीन जिहिहे यशब और लाल बहुमूल्य पठरा कहिजाजाइत। हुँकार सिंहासनके चारु ओहोँर एकथो इन्द्र धनुस रहे, जोन हरियर बहुमूल्य पठरा हस देखाइतेहे। 4 उ सिंहासनके आँजरपाँजर औरे चौबीसथो सिंहासन रहिँत। और कपारीम सोनक मुकुट और उज्जर लुग्गा घालल चौबीसथो अगुवनहे उ सिंहासनमे बैठल मै देख्नु। 5 उ सिंहासनमेसे बिज्ली चम्कतिहिँत। बद्री थर्कलक आवाज आइतेहे। और उ सिंहासनके आघे सातथो दिया बरतिहिँत। और सिंहासनके आघे बर्तिरहल यी सातथो दिया परमेश्वरके सातथो आत्मा हुइँत।
6 उ सिंहासनके आघे समुन्दर हस चाकर फर्श फेन रहे, जोन सिसा हस सफा रहे। सिंहासनके चारु आँरितिर-तिर वहाँ चारथो जित्ती प्राणी रहिँत, जेनके शरीर आँखीलेके पूरा छोपल रहिन। 7 यी जित्ती प्राणीनमेसे सुरुक प्राणी सिंह हस देखाए। दोसुर प्राणी बर्धा हस देखाए। तेसर प्राणीक अनुहार मनैनके हस देखाइतिहिस। और चौथा प्राणी उर्ती रहल चिल्हरिया हस देखाइतेहे। 8 उ चारु प्राणीनके छे-छेथो पखना रहिन। और ओइन्के पूरा शरीरमे आँखी रहिन। ओइन्के पख्नक तरे फेन आँखी रहिन। रातदिन ओइने बिना रुक्ले असिक कती गैती रथाँ,
"पवित्र, पवित्र, पवित्र सर्वशक्तिमान परमप्रभु परमेश्वर!
ऊ वहे परमेश्वर हुइँत जे समयक सुरुवातसे लेके अबसम और सदामानके लग नै बदल्थाँ।"
9,10 जे सिंहासनमे बैठल बताँ उ वहे हुइँत, जे सदासर्वदा जित्ती पलिरथाँ। जबफेन जित्ती प्राणीन हुँकिन्हे महिमा, आदर और धन्यवाद देथाँ। परमेश्वरके चौबीसथो अगुवन हुँकार आघे घोपत्या होके हुँकार आराधना करथाँ। ओइने अपन मुकुट सिंहासनके आघे धरथाँ। और असिक कथाँ,
11 "हे प्रभु हमार परमेश्वर,
अप्नि सक्कु चिज बनैली।
अप्निक इच्छासे ओइने बनगिल रहिँत,
और ओइने अस्तित्त्वमे बताँ।
तबेकमारे अप्नि महिमा आदर और शक्ति भेटैना लायकके बती।"