9 ओइने पृथ्वीक हरेक ठाउँमे गैलाँ और ओइने उ शहरहे घेरलेलाँ, जिहिहे परमेश्वर प्रेम करथाँ, और जहाँ हुँकार मनै रथाँ। पर परमेश्वरके ओहोँरसे, स्वर्गमेसे आगी बाहेर आइल, और पूरा सेनाहे भसम करदेहल। 10 ओकर पाछे, देश-देशके मनैनहे बहकुइया शैतान पकरवा पाई। और ऊ गन्धकके आगीमे फेँक्वापाई, अथवा उ आगीमे जोन समुन्दरके झील हस बरवार बा। दैँतुरवा और झूँटा सन्देश देहुइया दैँतुरवाहे पैलेहेँ वहाँ फेँकादेगिल रहिन। और वहाँ उ आगीमे ओइन्हे सदादिनके लग दिनरात सताजिहिन।
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