जीवनके लदिया
1 तब् स्वर्गदूत महिन्हे एकथो लदिया देखाइल, जेम्ने जीवनके पानी रहे। पानी सफा सिसा हस रहे। यी लदिया परमेश्वर और पठ्वक सिंहासनमेसे बहतेहे। 5 और वहाँ फेनदोस्रे कबु रात नै हुई। जोन मनै वहाँ रथाँ, ओइन्हे अपन डगरमे ओजरारके लग दियक कौनो जरुरी नै हुइतिन। ना ते ओइन्हे ओजरारके लग सूर्यक जरुरी बतिन। काकरेकी परमेश्वरे हुइँत, जे मनैनहे ओजरार देथाँ। और वहाँ रहुइया यी मनै ओइने सदादिनके लग राज करहीँ।