सुरुक मोहर खोल्लक: उज्जर घोरवकमे सवार होके अत्याचार कर्लक
1 तब मै देख्नु कि पठ्वा उ सातथो मोहरमेसे एकथोहे खोलल। और मै चारथो जित्ती प्राणीनमेसे एकथोहे गोहराइत सुन्नु। ओकर आवाज गर्जे हस तेज रहिस। ऊ कहल, "आब जाऊ, आघे बह्रो।" 2 तब मै एकथो उज्जर घोरवा देख्नु। और ओकर उप्पर सवार रहुइया बाण लेले बा: और उहिहे एकथो मुकुट देगिलिस। और ऊ स्वर्गमेसे बाहेर पृथ्वीमे चलगिलस। ऊ ओसिके गैलस जे पैलेहेँ जीत हाँसिल कर सेकल बा, और फेनदोस्रे जीत हाँसिल करी।