सुरुक मोहर खोल्लक: उज्जर घोरवकमे सवार होके अत्याचार कर्लक
1 तब मै देख्नु कि पठ्वा उ सातथो मोहरमेसे एकथोहे खोलल। और मै चारथो जित्ती प्राणीनमेसे एकथोहे गोहराइत सुन्नु। ओकर आवाज गर्जे हस तेज रहिस। ऊ कहल, "आब जाऊ, आघे बह्रो।" 2 तब मै एकथो उज्जर घोरवा देख्नु। और ओकर उप्पर सवार रहुइया बाण लेले बा: और उहिहे एकथो मुकुट देगिलिस। और ऊ स्वर्गमेसे बाहेर पृथ्वीमे चलगिलस। ऊ ओसिके गैलस जे पैलेहेँ जीत हाँसिल कर सेकल बा, और फेनदोस्रे जीत हाँसिल करी।
पाँचौँ मोहर खोल्लक-शहिद
9 जब पठ्वा पाँचौँ मोहर खोलल, तब मै वेदीक तरे उ मनैनके आत्मनहे देख्नु, जेने मुवागिल रहिँत। काकरेकी ओइने परमेश्वरके वचनहे घोषणा कर्ले रहिँत। और ओइने येशूए ओइन्के प्रभु हुइँत कहिके स्वीकार करनासे पाछे नै हटल रहिँत। 10 और ओइने महा जोरसे चिल्लाके परमेश्वरहे कलाँ, "हे सर्वशक्तिमान प्रभु, अप्नि पवित्र और सच्चा बती। अप्नि पृथ्वीमे रहुइया खराब मनैनके दण्ड देहक लग अतरा बेरसम काकरे अँस्याइती? हम्रे बिन्ती करती कि अप्नि उ मनैनके कामके बदला ली, जेने हम्रिहिन्हे मुवादेलाँ।"
11 ओइन्मेसे सक्कु जहनहे उज्जर लुग्गा देगिलिन। और परमेश्वर ओइन्हे कलिन, "अब्बक लग तुहुरे अराम करो। काकरेकी अभिन फेन तुहुरिन्के संगसंगे काम करुइया गोड्गात तुहुरिन्के संघरियन और तुहुरिन्के विश्वासी संघरियन बताँ, जेने तुहुरिनेके हस मुवाजिहीँ। जब मुवा पउइयनके संख्या पूरा होजिहीन, तब किल मै ओइन्से बदला लेहम।"