कंगालगोळ इक उधार कोळोद
35 "बाक अगर नीन यावारा वार्टबन्धु कंगाल आगेगुल, अदिक आऊन दश्या नींद मुंद तरस तिना योग्य आगेगुल, रा नी आऊक संभालसेत; आव परदेशी या वार्ट उन घाई नींद सांगुळ ईरूल. 36 आऊन से ब्याज या बळोतरी ताकोमबाळेत; तान परमेश्वर उन अंज्क मानसेतीर; अदुर देल नीन वार्टबन्धु नीन सांगुळ जीवन निर्वाह माळ सकुल.