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यशायाह 43

परमवर हमअपनों

1 जनहयहा, और इसएल रचना, अब यह कहतै, "मत डर, ोंि ैं़ा िै; ैंकर ै, ै। 2 जब जल ें कर , ैं ग-सरहूँऔर जब नदिों ें कर चले, तब सकी; जब आग ें चलतब लगी, और उसकजलसकी। 3 ोंि ैं यहपरमवर ूँ, इसएल पविैं उदरकरूँ, ़ौें ैं िऔर बदलऔर सबूँ।

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