25 मय तुम पर शुद्ध पानी छिड़कूं, अऊर तुम शुद्ध होय जावो; अऊर मय तुम्ख तुम्हरी पूरी अशुद्धता अऊर मूर्तियों सी शुद्ध करूं। 26 मय तुम्ख नयो मन देऊं, अऊर तुम्हरो अन्दर नयी आत्मा पैदा करूं, अऊर तुम्हरो दिल म सी गोटा को दिल निकाल क तुम्ख मांस को दिल देऊं। 27 मय अपनी आत्मा तुम्हरो अन्दर दे क असो करूं कि तुम मोरी विधियों पर चलो अऊर मोरो नियमों ख मान क उन्को अनुसार करो।