6 याहवेह, कोई भी नहीं है आपके सदृश;
आप महान हैं,
और सामर्थ्य में असाधारण हैं आपकी प्रतिष्ठा.
7 राष्ट्रों का राजा,
कौन हो सकता है वह
जिसमें आपके प्रति श्रद्धा न होगी?
वस्तुतः आप ही हैं इसके योग्य
क्योंकि राष्ट्रों के सारे बुद्धिमानों के मध्य,
तथा राष्ट्रों के सारे राज्यों में कोई भी नहीं है आपके तुल्य.