Pular para o conteúdo
Publicidade

येरेमियाह 51

1 यह हवै:

"यह खनैं ितथब-क

ििों िएक िशक बवडर उतपन्‍करनपर ूं.

2 ैं ििों ओर ूंा,

ि उसकनसकरें तथउस वसकर ें;

ों ओर उसकिकरें

यह उसकििा.

3 वह, धनै, उसधनननो,

उसिलम पहनकर खड़े ो.

ें, जवों िि बचकर ो;

नषकर ो.

4 कसदिों ें े,

अपनसडों पर बरिों े.

5 ोंि इसएल और यहिउनकपरमवर,

हवपरििगयै,

यदयपि उनकइसएल पविपरमवर समक

सहयकभपरिगयै.

6 "मधपलयन करो!

ममें हर एक अपनबचे!

उसिरहें नषा.

ोंि यह हवबदलअवसर ा;

वह उसवहेंे, उसिउपयै.

7 हवें वरकटसमरहै;

इससमतवगयै.

ों उसकमदिवन िै;

इसलिमतवरहैं.

8 सहसपतन गयऔर वह र-चगयै.

उसकििकरो!

उसकिदरिऔषधि आओ;

भव उसकदनिरण .

9 " हमनउपचकरना,

िंहमरयिफल रहा;

उसिऔर हम अपने-अपनचलें,

ोंि उसकवरतक पहुंरहै,

वह आकतक पहुंै.’

10 " हवहमें िसहििै;

आओ, हम ़िें कर इसकषणकरें

ि यह हवहमपरमवर बनै.’

11 "ों बनो,

ों उठो!

हविों उतउतिकर िै,

ोंि ििैं.

यह हवबदलै,

उनकिििगयबदलै.

12 शहरपनपर आकरमण िउठ!

वहां एक सशकरहरिकरो,

तरिों िि,

लगकर िं!

ोंि हविििऔर ििी,

िसकवववह लविों िषय ें कर े.

13 , महनद िकट िकरतो,

, ििों ें समपन्‍ो,

पतन बड़ा ै,

वन ै.

14 हवअपनवन शपथ ै: ि्‍,

ैं मधिदल सदएक जनसमआऊा,

और ें परिकर जयघकरेंे.

15 "हवैं िोंअपनमरि ी;

िोंिअपनि रतिििै.

अपनझ-बउनोंआकिकर िा.

16 उनकउचरण आकजल ें हलचल मच ै;

वहैं ों ओर ों आरहण बनकरतैं.

वह ि ििजलअधकरतैं

तथअपनभणरगपवन चलैं.

17 "हर एक मनै—नह;

हर एक वरणशिअपनि रतिलजििै.

ोंि उसकगई रतिैं;

उनमें वन-शनहीं.

18 रतिसरवथयरैं, यपद ि ैं;

जब उन पर अवसर आएगा, नषी.

19 हव, िि ैं, इनकसदनहीं ैं,

ोंि सभिकरैं,

उनकिइस ी;

उनकहव.

20 "उनकआशसन ै,

िशसो,

ैं ों कर ूं,

ैं ों नषकर ूं,

21 मसैं ़े तथउसकसवनषकर ूं,

मसैं रथ तथरथ िनषकर ूं,

22 मसैं तथनषकर ूं,

तथमसैं तथजवनषकर ूं,

मसैं नवयवक तथुंकननषकर ूं,

23 मसैं चरवएव़-बकरिों नषकरतूं,

मसैं िएवउसकसहयकों नषकरतूं,

तथमसैं यपों एवपतिों नषकरतूं.

24 "िंैं ों समकतथकसदििों उनक़िें िगए उनकअधरबदलूंा," यह हवै.

25 "यह समझ ो, िशक परवत, ैं िूं,

, नषकरतो,"

यह हवै.

"ैं िअपनबढ़ाा,

और ें ढलवां चटों ूंा,

और तब ैं ें भसपरवत बऩूंा.

26 ममें भवन िितक िें

और ींििा:

सदा-सरवदिउज़-िजन कर रह ओगे," यह हवै.

27 "ें वनि!

ों ें नरसिंि!

ों उसकिििकरो;

उसकिअर, ि्‍

तथअशएकतिं.

़ों िदल सदआओ;

तथउसकिपति िकरो.

28 ों उसकिििकरो—

िों ा,

उनकयपतथउनकपति,

तथउनकिहर एक .

29 ितथदनें रहै,

ोंि िहवउदअटल ै—

उज

एविजन कर ा.

30 समरपण कर िै;

अपनों हर नहीं रहे.

उनकबल षय ै;

वसअब िां कर रह गए ै.

उनकआवअगि रसिै;

नगर रवछड़ें ैं.

31 एक समषक कर अनिलत

और एक शवहक अने,

ि यह ि:

एक सरतक आपकनगर अधै,

32 ों पर शतअधिै,

शतदलदल-वन तक कर िै,

अतभयभैं."

33 हव, इसएल परमवर यह ै:

"ांवनखलिन-सदै,

िपर अन्‍ौंै;

िउसकटनअवसर मनकरनपड़ेा."

34 ़िनवकहेंे, "नबकदनरसिकर िै,

तथचल िै,

उसनएक िबरतन िि ें कर िै.

उसनिकरसदिगल िै,

और वह उतजनों वन कर ्‍ै,

वह बहकर गयै.

35 वह िंा, पर तथपर गई ी,"

तब ़िनवकहेंे, वह उसपर पड़े.

तथशलकहा,

"पर गई िंबदलकसदिि,"

36 इसलिहवयह ै:

"यह ा, ैं सहयक रवक

और िभरपबदलरभकरूंा.

ैं उसकजल ि कर ूं

तथउसकजल-सिजल बनूंा.

37 डहरों ,

तथिों बसबन एगा,

वह भय पर, िजन ,

तथउपहिषय बन एगा.

38 लवसशकिंों समदह़ेंे,

िंवकों समे.

39 जब उतवलोंे,

ैं उनकिआयिकर ूं

और ैं उनें ऐसमतवकर ूंा,

ि रमिऔर तब िर-निें चले,

ि कभसकें,"

यह हवै.

40 "ैं उनकिि वध ि

ििमनों समकर ूंा,

़ों तथबकरों सद.

41 "51:41 शेशाख बाबिलोण का गुप्‍त नाम बनिगयै,

िरश्‍रहती!

यह ि ों

मधभय िषय बन गयै!

42 समजल तर कर तक पहुंगयै;

उसकरचलहरों इसांिै.

43 उसकनगर भयपद गए ैं,

अनि रभिमरि सदऐसजहां

मनिनहीं करता,

िसकमधकर नहीं िकलता.

44 ैं ें ूंा,

ैं उसकवहउगलवा, उसनिगल िा.

तब जनतउसकओर आकरिेंे.

अब शहरपनढह ै.

45 "रजजनो, वहां िकल आओ!

ममें हर एक हवरचरकअपनरककरें.

46 दय िलग

तथें रसिसमभयभ;

ोंि एक समइस वरआएगा, ततपशअनसमअगलवर,

ें िंभडरही,

उचिउचििएगा.

47 तब यह िरहैं,

ैं रतिूंा;

ियह लजिषय

िशव उसकमधें इधर-उधर पड़े े.

48 तब वरऔर तथइनकि

इस िि पर हरषनकरेंे,

ोंि उसकिशक

उततर िआएे,"

यह हवै.

49 "इसएल ों रण पतन अनिै,

िरकपर गय

रण गयैं.

50 सभी, तलवबच िकलो,

यहां ठहररहो, यहां े!

रहतहवमरण कर िकरो,

शलि रहे."

51 "िंनकर हम अतलजिैं

हमखमडल पर कललग ै,

ोंि हवपविभवन ें

ििों रवै."

52 "तब यह समझ ो: िरहैं," यह हवै,

"जब ैं उसकरतिूंा,

तब तक रह़ि,

ें करहते.

53 आकश-सद,

वह अपनगढबने,

गए िशक उसपकड़ेंे,"

यह हवै.

54 "ें ि्‍ै,

तथकसदिों ें महि.

55 ोंि हवििैं;

वह उसकउस उचआवसम्‍कर ेंे.

उसकवनि उगलहरों सदै;

नगर ें आवूंरहै.

56 पर िशक आकरमण िै;

उसकबने,

उसकधनैं.

ोंि हवबदलपरमवर ैं;

वह ा-बदलेंे.

57 ैं उसकउचितथपरमरशकों मदमत बनूंा,

उसकयपों, पतिों तथी;

ि सभिर-निें ं, और िकभें!"

यह उस ै, िनकहव.

58 हवयह ै:

"़ी शहरपनणत

वसकर एगतथउसके-रवअगि ें कर िे;

तब रजपरिरम यररहा,

तथों परिरम अगि ें भसििा."

59 िहसइयइयिगयभवियदवकिआदयह ै, यह उसउस अवसर पर गया, जब वह यहिदकिय-कवरें गया, इयवहां महलों रबधक ा. 60 िएक चरडलिें उन कटों एक बनििििगए े, अरसभभवियवी, िषय ें गई ी. 61 ततपशिइयिकर कहा, "यह रखनि पहुंचतयह सब उचवर ें सबकसमकपढ़ोे. 62 ियह कहना, हवइस िषय ें भवियवै, ि यह नषकर िएगा, इस रकि इस पर िरह एगा; मनअथवपशऔर यह उजएगा.’ 63 इस चरडलपढसम्‍करे, एक पतथर इसमें ांऔर इसफरनदमधें ेंा. 64 उसेंकतयह कहना, इसरकएगऔर िकभउठकर ऊपर आएगा, ोंि ैं उस पर ऐसकट लनपर ूं. और उसकिे.’ "

िशबयहीं तक ैं.

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também