Pular para o conteúdo
Publicidade

येरेमियाह 48

आब िनबवत

1 आब िषय ें आबहव, इसएल परमवर यह ै:

"िपर, ोंि यह नषै.

िरयथिों लजििगयै, इसअधकर िगयै;

उचचसगढनगर लजिकर िगयै. अब वह र-चै.

2 आब अब ि ें पड़ी ै;

उनोंशबििपति िै:

आओ, हम ें उसकअसििें.’

मदमवर ांकर िएगा;

तलवकरी.

3 नयििपडरहै,

िऔर ि.

4 आब ै;

उसकलक ़ा ें िकर रहैं.

5 चढ़ापर,

सदचढे;

ोंि उनोंनयिपर

िििै.

6 अपनबचकर ो;

ि मरि ें चनदन ़ी सद.

7 ोंि मनअपनउपलबिों तथअपनििों पर भरिै,

यहां तक ि वयबनिओगे,

िएगा,

तथउसकोंउसकितथअधिी.

8 एक िशक हर एक नगर ें एगा,

एक नगर बच सका.

नषएग

तथपठरहा,

हवववी.

9 आब रदिं,

ि वह उडकर चल;

ोंि उसकनगर उजे,

और उनमें िकरा.

10 "िवह यकि, हवउपकरतै!

तथिवह ा, अपनतलवरकतपबचरखतै!

11 "बचपन आब ख-शांि अवसें रहै, कभउसकांि नहीं गई,

लतअपनि ें िगई ो,

उसएक बरतन सरें नहीं गया,

उसनआई अनभव िै.

तब उसकवहवहै,

उसकअपरिवरिबनै.

12 इसलियह ा, ि िरहैं,"

यह हवै,

"जब ैं आब ें उनें करूंा, बरतनों रस उणलतैं,

आब उणेंे;

आब बरतन िकर ें

और तब उसकबरतनों कर र-चकर ेंे.

13 आब लजरण ा,

िरकइसएल िलजरण गया,

िपर उनोंअतििा.

14 "यह कर रहो, हम ैं,

िहर रक?

15 आब नषै, इसकनगर नषैं;

इसकसरतम जववध िउतगए ैं,"

यह ै, िनकहव.

16 "आब िएगा;

उसकििकट ै.

17 , उसकपड़ोो, उसकिमन,

ी, उससपरििो;

यह कहत, गयजद,

वह, भवशजदा!’

18 "ि

और अब अपनऐशवरउतर आओ

और आकर इस ि पर ो,

आब िशक ें लककरतपहुंै,

वह गढनगर नषकर ै.

19 अरअर िो,

िखड़े ो, वधवक खतरहो.

उससयह ो: रहतथउससी,

बचकर िकल रहै, ै?’

20 आब लजिै, ोंि इसिगयै.

ि, िकरो!

आरनिकट कर षणकरो,

ि आब िनषिै.

21 पर अब रभै;

, यहत, अथ,

22 , ो, थ-दिबलईम,

23 िरयथिों, थ-ग, थ-मिओन,

24 िओथ,

तथआब रवरएविकटवरसभनगर.

25 आब शकि रतींिगयै;

तथउसकगई ै,"

यह हवै.

26 "उसमतवकर ो,

ोंि उसनहवसमकअहकरकििै.

अब वह उस िि ें पहुंएगजब वह अपनउलें टतिा;

और वह उपहिषय बन एगा.

27 इसएल िउपहिषय बना?

अथववह ों ें ै,

ोंि जब इसएल उलै,

अपनििलगतो?

28 आबविो,

नगरों ें रहनकर चटों ें रहनलगो.

और उस कबतर सम,

गम चटों लघें ोंसलििकरतै.

29 "हमनआब अह

उसकउदडता, उसकदर, उसकगर

तथउसकमन िषय ें िै,

अतउगउसकअह.

30 ैं अचि समझतूं उसकिलमिहट,"

यह हवै,

"िंिररथक यह सब; उसकखलगरि ्‍नहीं िै.

31 इसलिैं आब ििकरूंा,

आब िि,

र-हिों िकरहट.

32 िबमलतैं,

पर िअधिििकरूंा.

लततनगर तक तनैं;

तक पहुंैं.

मकफलों उपज

तथउपज पर िशक बरस पड़ा ै.

33 इसलिआब फलदउद

उलएवआनसम्‍कर िगए ैं.

ौंदनुंरस िकलनसम्‍गयै;

उनें उलस-सवर ौंा.

वनि वह

उलस-धवनि ी.

34 "शबें उठ रहिहट एलिआलतक

ां, हजतक उनोंअपनवर उठै,

़ोअर नयितक तथएगलथ शलिितक,

ोंि िमरजल ि सम्‍एगी.

35 ैं आब असििूंा," यह हवै,

ा-थल पर बलि अरपण करत

तथअपने-अपनवतिजलै.

36 "इसलिआब िदय ऐसिकरतै, िपगें ांी;

दय र-हििों िांसमकरहतै.

उनोंअपनउपज बहिै.

37 हर एक िरण ुंडव

तथ़ी तरै;

सभों भर

तथहर एक कमर पर लपै.

38 आब हर एक घर छत पर

तथइसकसडों पर

चहुंओर ि्‍ै,

ोंि ैंआब उस बरतन सदिै,

िरसै,"

यह हवै.

39 "र-चयह! उनकि!

आब लजें अपनइस ओर कर ै!

अब आब उपहिषय कर रह एगा,

तथिकटवरों समकआतिषय ी."

40 ोंि यह हवै:

"खना! गऱ-सदगति उड़ेा,

और आब पर अपना.

41 िओथ अधकर िगय

तथगढ़ों पर शतअधिगयै.

तब उस िआब दय ऐसएगा,

रसा.

42 आब िनषकर एक रह एग

ोंि वह हवसमकअहगयै.

43 आबविो,

आत, गडतथिियत ैं,"

यह हवै.

44 "वह, आतबचकर ा,

वह गडें िा,

वह, गडहर िकल आएग

ें ा;

ोंि ैं आब पर

वरआऊा,"

यह हवै.

45 "शबें

िबल शरणठहरेंे;

ोंि शबें अगि रहै,

तथमधलपटें.

उसनआब भसकर ै,

उनककपी, ें आनरहे.

46 िपर आब!

शवनषैं;

ोंि ों बनिगय

और िां बनें चलगई ैं.

47 "िैं आब समि

ििों ें ूंा,"

यह हवै.

आब इतना.

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também