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Jeremias 6

शल

1 "ििशजों,

अपनरकि, शलें पलयन करो!

तकनगर ें नरसिंि!

तथथ-हक्‍ें रसिि!

उततर िकट बड़ा ै,

ि.

2 ़िुंदर एवि,

ैं नषकर ूंा.

3 चरवएवउनक़-बकरिां उसकिकट आएे;

अपनउसकों ओर खड़े कर ेंे,

उनमें हर एक अपने-अपनपर पशचरएगा."

4 "उसकि!

उठो, हम मधअवसर पर आकरमण करेंे!

िहम पर! िढल चलै,

ोंि रण रहै.

5 उठो, अब हम ि ें आकरमण करें

और हम उसकमहलों वसकर ेंे!"

6 ोंि हवयह आदै:

"उसक

और शलकरो.

आवशयक ि इस नगर ि;

िसकमधअतअतभरै.

7 िरकुंअपनलतरहतै,

उसरकवह अपनिलतरहतै.

उसकतर िंतथिउलरहतै;

वहां और िरहतैं.

8 शल, ,

ऐसि दय उतर

तथैं ें उजबनूं

जहां िमनिा."

9 यह हवै:

"िि पर एकत

न-चनकर इसएल ों एकतकर ेंे;

तब सदषलतटटो,

ि रह गई एकतकर सको."

10 ैं ििकरूं,

ियह वनि इस पर ें?

आप िउनकैं,

ननउनकिअसभव ै.

यह िहवउनकिपद बन ै;

इसमें उनक़ा उलनहीं ै.

11 झमें हवसमै,

इसििरखनििरहै.

"अपनयह गललकों पर

और उन एकतरहजवों सभपर;

ोंि पति-पतों िे,

तथअती.

12 उनकआवअपरििों िे,

यहां तक ि उनकपतिां एवी,

ोंि ैं अपनशविों

िबढ़ाा,"

यह हवै.

13 "ोंि उनमें कर बड़े तक,

हर एक िै;

यहां तक ि भवियदवककर ितक ी,

हर एक अपनयवहें ैं.

14 उनोंरजों

गलत उपचिै.

करतरहे, ांि ै, ांि ै,’

िंांि वहां नहीं.

15 अपनपद िउनमें ़ी लजगई?

िचयत़ी नहीं;

उनें लजें िआतनहीं.

तब उनकियति वहसमिरहयकिों ियति ै;

जब ैं उनें ूंा,

उनकपतन,"

यह हवै.

16 हवयह ै:

"ों पर कर ठहरो, वहां ठहर कर अवलकन करो;

और वहां ों िषय ें करो,

यह ि वह सरतम , और उसपर चलो,

तब अनभव ा.

िंउनोंकहा, हम उस पथ पर नहीं चलेंे.’

17 तब ैंइस िपर रहरिि,

नरसिंो!’

िंउनोंहठ िा, हम नहीं ेंे.’

18 इसलिों, और यह ो;

एकतजनसम,

यह समझ ि उनकियति ी.

19 ी, ो:

ि इन ों पर गयिी,

यह उनीं गढ़ी गई िों परिै,

ोंि उनोंआदअवज

तथउनोंियमों करिै.

20 उस हबिै,

तथगए रवा?

बलिों ैं नहीं ूं,

अरपण ैं रसन्‍!"

21 इसलिहवयह ै:

"यह ि ैं इन ों पथ ें कर िलकिपतथर रख रहूं.

उनें इन पतथरों कर लगी, िऔर ों ी;

उनकपड़ोएवउनकिनषे."

22 यह हवै:

"यह खना, ि उततर

एक जनसमरहै;

ों ें

एक सशकरहै.

23 धनएवरहैं;

एवसरवथैं.

उनकवर गर गरजन सदै,

तथिसवों सदरहैं.

़िी, उनकलक."

24 इसकचनहमें ्‍ै,

हमपडैं.

रसव ़ा हमें अपनअधकर रखै,

़ा रसै.

25 हर ें

पर िकल पडा,

ोंि शततलविै,

सरवतआतै.

26 अती, रजा, क-वसरण करो,

भसें ो;

उसक

िसनअपनएकमिै, अतगहन ,

ोंि हम पर िशक आकरमण

सहसा.

27 "ैंें अपनरजिपरखन

तथननिरखििै,

ि उनकवनश

परखकर ो.

28 सब हठऔर िैं,

बदनकरतिरतैं.

ऐसकठैं ांएव;

सबकसब रष्‍ैं.

29 ौंकनिों भटअतगरकर रखै,

अगि भसकर िै,

करनरकियररहै;

िससों अलग नहीं िसका!

30 उनें ांकहगयै,

ोंि उनें हविै."

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