11 "सह बगत आसा एछणैं आसा ज़ेभै मुंह एऊ देशै नकाल़ पाणअ। पर अह नकाल़ निं रोटी अर पाणींओ हणअ, पर लोग हणैं मुंह बिधाता का समाद शुणने भुखै-नचिशै। अह गल्ल डाही मंऐं मालक बिधाता बोली।
11 "सह बगत आसा एछणैं आसा ज़ेभै मुंह एऊ देशै नकाल़ पाणअ। पर अह नकाल़ निं रोटी अर पाणींओ हणअ, पर लोग हणैं मुंह बिधाता का समाद शुणने भुखै-नचिशै। अह गल्ल डाही मंऐं मालक बिधाता बोली।