8 "पर ज़ुंण मुंह दी विश्वास निं डाहे, तिंयां पाणै ज़ोरा-ज़ोरी तेऊ समुंदरै ज़ुंण गंधका करै ज़ल़ा, सह आसा दुजी मौत। अह इहअ नतिज़अ हणअ तिन्नां लोगो बी ज़ुंण होरी लोगा सम्हनै मेरअ नाअं लणैं का डरा, ज़ुंण कदुष्ट काम करा, ज़ुंण होरी मारी पाआ, ज़ुंण कंज़रैई करा, ज़ुंण ज़ादू करा, मुहुर्ती पूज़णै आल़ै अर झ़ुठअ बोला।"21:8 1 करि. 6:9-10; इफि. 5:5