चिऊथी मोहर अर नकाल़
5 ज़ांऊं तेऊ चिऊथी मोहर खोल्ही, मंऐं शूणअ चिऊथअ प्राणीं इहअ बोल्दअ, "एछ!" अर मुखा शुझुअ तिधी एक काल़अ घोल़अ निखल़अ बागै अर तेता प्रैंदै शुंआरा का आसा एक तराकल़।6:5 जक. 6:2-3,6
6 मंऐं शूणैं तिन्नां च़ऊ प्राणीं मांझ़ा का इहअ बोल बोल्दै, "च़ंदीओ सिक्कैओ एक सेर कणक, अर च़ंदीए सिक्कैओ चअन सेर ज़ौ। पर जैतूने तेले बूट, दाखे बागा निं हान्नी करी।"