26 हेरा-हेरी हुई तिधी ज़ाज़री अर इधी तैणीं कि कैद खाने आथरी सिक्की आजू-पिछ़ू अर तेभी दुआर खुल्है अर सारी शांघल़ी चुटी।
26 हेरा-हेरी हुई तिधी ज़ाज़री अर इधी तैणीं कि कैद खाने आथरी सिक्की आजू-पिछ़ू अर तेभी दुआर खुल्है अर सारी शांघल़ी चुटी।