1 ज़ुंणी परमेशरै तम्हैं बणाऐं दै आसा, सह डाहणअ खारकी अमरा आद, तेखअ सका आजू भर्टू करै आफ़ता पल़ी अर तेभै बोल़णअ तम्हां इहअ, "मुंह निस्सअ आपणीं ज़िन्दगी मज़अ ई एछी।" 2 बुढल़दा शुझणैं तम्हां का सुरज़, ज़ोथ अर तारै बी धुंमधुंमै अर सरगै रहणैं घणैं काल़ै बादल़ घोर्हुई! 3 तेखअ ज़ुंण हाथ थारी फाज़त करा तै, तेथ लागणअ ठहरअ, ज़ुंण ज़ांघा एभै थारी किंडी आसा, तिंयां हणीं बाख नधी ज़ेही। दांदे माल़ा रहणीं थोल़ी अर भास्सू करै निं रोटी च़ाल्ली च़ाभुई अर आछी का निं राम्बल़ै करै शुझुई च़ाल्लअ।
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