13 "ज़ुंण दुआरे द्रींडा दी तम्हैं मिम्मूं काटी लोहू लाअ, सह हणअ ऐहा गल्लो नछ़ैण कि तिधी रहा तम्हैं। ज़िधी मुखा सह लोहू शुझिए तिधा का डेऊणअ मुंह प्रैंदी पोर्ही अर थारी निं किछ़ हान्नी हणीं। ज़िहै मुंह मिसर देशे लोग मारनै, सह आफ़त निं तम्हां लै एछणी।