30 शोभा हआ झ़ुठी अर हेरनी बित्ती बी निं सदा रहंदी, पर ज़ुंण बेटल़ी बिधाते डरा हेठे रहा, तेसे हणीं सर्राफी।
30 शोभा हआ झ़ुठी अर हेरनी बित्ती बी निं सदा रहंदी, पर ज़ुंण बेटल़ी बिधाते डरा हेठे रहा, तेसे हणीं सर्राफी।