4 मेरअ बाब दैआ त मुल्है एही शिक्षा,
"ज़िहअ हुंह खोज़ा तेता डाहै आद, बिस्सरुई निं आथी।
तूह करै तिहअ ई ज़िहअ हुंह बोला, तै रहणअ तूह ज़िऊंदअ।
5 अक्ल अर सुंबल़ी सोर डाह!
ज़ुंण हुंह बोला तेता डाहै आद, बिस्सरी निं आथी।
4 मेरअ बाब दैआ त मुल्है एही शिक्षा,
"ज़िहअ हुंह खोज़ा तेता डाहै आद, बिस्सरुई निं आथी।
तूह करै तिहअ ई ज़िहअ हुंह बोला, तै रहणअ तूह ज़िऊंदअ।
5 अक्ल अर सुंबल़ी सोर डाह!
ज़ुंण हुंह बोला तेता डाहै आद, बिस्सरी निं आथी।