18 आनीन करते मसी बी वण-धरमी माणहु ना पाप ना करते दुख झेल्यो, काहाके आपणु ने भगवान ने तां लीजवा करीन डील ना रुप मे ते मार्या पण आत्मा ना रुप मे जीवाड़्या।
18 आनीन करते मसी बी वण-धरमी माणहु ना पाप ना करते दुख झेल्यो, काहाके आपणु ने भगवान ने तां लीजवा करीन डील ना रुप मे ते मार्या पण आत्मा ना रुप मे जीवाड़्या।