1 आपणी जुवानी ना दाड़ा मे आपणु ने बणाव्वा वाळा ने फोम राख, नीता आहया दाड़ा ना बाद तीहया गरा ना दाड़ा अने साल आवहे, जे दाड़ा मे तु कीही के मने आनन्द नी जड़तो। 2 तीहया दाड़ा मे तारी लेदे दाहड़ु अने वीजाळु, चांद अने तारा अंदारला हय जहे। अने पाणी पड़वान बाद वादळा अळी छवाय जहे। 3 तीहयी टेमे घोर ना रखवाळ्या कापहे, अने ताखत वाळा बी हार जहे अने दातु कम हयवा ना कारण चवाय नी सके, खीड़की मे सी देखवा वाळा डोळा आंदळा हय जहे?
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