होम बादा नी वेदी
1 "अळतेण वेदी ने बाबळ्या ना लाकड़ा नी, पांच हात नाम्बी अने पांच हात चवड़ी बणावजे; वेदी च्यार खुट्याण रेवा जोवे, अने तीहयी तीन हात उची रेवा जोवे। 2 अने तीना च्यारो खुणा पोर च्यार ह़ींगड़ा बणावजे; वेदी अने ह़ींगड़ा एकीत टुकड़ा ना रेवा जोवे, अने तीने पीतळ वेर पालीस करावजे। 3 अने तीनो रोखड़ो ह़ोरवा ना ठाहरा, अने पावड़्या, अने कटवरा, अने बे दात वाळा पावड़ा, अने ह़ुपड़्या बणावजे; तीनु आखु ह़मान पीतळ नु बणावजे। 4 तीनी जुगु पीतळ नो जाळी नो एक झारो बणावजे; अने तीना च्यारोव मुंडे पीतळ ना च्यार कड़ा लगाड़जे। 5 अने तीहया झारा ने वेदी नी च्यारो मेर नी कांगणी नी तळे आसम लगाड़जे के तीहयी वेदी नी उचाय नी वचे तक पुगे। 6 अने वेदी जुगु बाबळ्या ना लाकड़ा ना डींगा बणावजे, अने तीमने पीतळ वेर पालीस करावजे। 7 अने डींगा ने कड़ा मे घालजे के जत्यार-जत्यार वेदी ने उचले ता तीहया तीना बेम धेड़े रेय। 8 वेदी ने पाट्या वेर पोलट्याण बणावजे; जेम तने आहया बड़ा पोर देखाड़ली से तेमेत बणवा जोवे।
चोखला तम्बु नु आंगणु
(नीरगमन 38:9-20)