28 अने ह़रगदुत मरीयम ने तां आवीन केदो, "वारु से के? भगवान नी संयबरकत तारी पोर से, मालीक भगवान तारी ह़ाते से।"
29 मरीयम ते बोल सी घणी घबराय जी, अने सोचवा लागी, ईनु मतलब ह़ु से? 30 ह़रगदुत तीने केदो, "ए मरीयम; भंगलाये ना, काहाके भगवान नी संयबरकत तार पोर आवली से। 31 1:31 मत्ती 1:21देख, तु भारेपोगे हयह़ी, अने तारो एक सोरो हयहे; तु तीनु नाम ईसु राखजे।