12 आनीन करते पाप तमारा मरला डील मे राज नी करे, के तमु तीनी हेर ना हक मे रेवो; 13 अने आपणा अंगु ने अधरम नी सेवा ना लेदे पाप ना सुपरत ना करो पण खुद ने मरला मे गेथो पासो जीवतो हयो ह़मजीन भगवान ने ह़ोप देवो, अने आपणा डील ना अंगु ने धरम ना हत्यार ना रुप मे भगवान ना सुपरत कर देवो। 14 तत्यार तमारी पोर पाप नो हक नी रेय, काहाके तमु कायदा ना हक मे नी, पण बरकत ना हक मे से।
15 ता ह़ु हयु? आमु आनीन करते पाप करीया के आमु कायदा ना हक मे नी पण बरकत ना हक मे से? कदी नी! 16 तमु नी जाणता के कोयना हुकम मानवा करीन तमु आह़फा ने गुलाम ना रुप मे ह़ोप देवो, तीनात गुमाल से, चाहे पाप ना जीनु आखरी मे मरनु से, 17 पण मे भगवान ने तु घणो वारु से केम, के तमु जे पेले पाप ना पावर्या हता, पण ते बी हाव मन सी तीनी ह़ीकापण ने मानवा बाज ज्या, जे ह़ीकापण ना ह़ाचा मे ढाळला से। 18 अने हाव तमु पाप नी गुलामी मे गेथा छुटीन धरम ना पावर्या बण जेला से।