35 एकोलाय तुम लोकगीन आपरो पूरो भरोसा नोको छोडो एको ईनाम मोठो सेत। 36 तुम लोकगीन ला धिरज को जरुरत सेत जोन लक परमेस्वर को मनसा पूरो करन को मघा तुमिला वा मिल जाय जोन को वायदा परमेस्वर कर चूकयो सेत। 37 काहेका पवीतर गिरथ असो कव्हसेत "जोन आवन वारा सेत उ जरासि बेरा मघा आहेत उ उसीर नही करयेत। 38 पर मोरो न्यायी जन भरोसा लक जित्तो रहेत, अना उ मघा हट जाय तो मोरो मन वोको लक खूसी नही होयेत।" 39 पर आमी हटनवालो नही का नास भई जाबिन पर भरोसा राखनवारा सेत का आपरो जानला बचाबिन।
Publicidade