2 पाहुनायी आव भगत करनो नोको बिसरो। काहेका काही लोकहुन योच विसरू नोको, काहेका अनजानो मा लोकगिन ना देवदूत को स्वागत करयो सेत।
2 पाहुनायी आव भगत करनो नोको बिसरो। काहेका काही लोकहुन योच विसरू नोको, काहेका अनजानो मा लोकगिन ना देवदूत को स्वागत करयो सेत।