9 एकोलाय परमेस्वर को लोकगीन को लाय अबा भी बिसराम को दिवस बाकी सेत। 10 काहेका जोन कोनी परमेस्वर को बिसराम मा धसा सेत, आपरो काम ले बिसराम पाय जावासते। वसोच जसो परमेस्वर ना आपरो काम लक पाय गयो। 11 एकोलाय, आमी भी वोना बिसराम को जघा मा धसनो काजी भीड़यो रव्हो। कहि असो ना होहे की वसोच हुकूम नही मानन को कारन, कोनी मानूस गडढा मा पड जाय।