4 लेकिन रब अपनी मुक़द्दस सुकूनतगाह में है, रब का तख़्त आसमान पर है। वहाँ से वह देखता है, वहाँ से उस की आँखें आदमज़ादों को परखती हैं।
5 रब रास्तबाज़ को परखता तो है, लेकिन बेदीन और ज़ालिम से नफ़रत ही करता है।
6 बेदीनों पर वह जलते हुए कोयले और शोलाज़न गंधक बरसा देगा। झुलसनेवाली आँधी उनका हिस्सा होगी।
7 क्योंकि रब रास्त है, और उसे इनसाफ़ प्यारा है। सिर्फ़ सीधी राह पर चलनेवाले उसका चेहरा देखेंगे।