5 गिबोन म्ह यहोवा नै रात म्ह सपने के जरिये सुलैमान तै दर्शन देकै कह्या, "जो कुछ तू चावै के मै तन्नै देऊँ, वो माँग।" 9 तू अपणे दास नै अपणी प्रजा का न्याय करण कै खात्तर समझण की इसी शक्ति दे, के मै भले-बुरे नै परख सकूँ; क्यूँके कौण इसा सै के तेरी इतणी बड़ी प्रजा का न्याय कर सकै?" 10 इस बात तै प्रभु खुश होया, के सुलैमान नै इसा वरदान मांग्या सै। 11 फेर परमेसवर नै उसतै कह्या, "ज्यांतै के तन्नै यो वरदान मांग्या सै, अर ना तो लाम्बी उम्र अर ना धन अर ना अपणे बैरियाँ का नाश मांग्या सै, पर समझण के विवेक का वरदान मांग्या सै ज्यांतै सुण, 12 मै तेरी बिनती कै मुताबिक करुँ सूं, तन्नै बुद्धि अर विवेक तै भरया मन देऊँ सूं, उरै ताहीं के तेरै बराबर ना तो तेरे तै पैहल्या कोए कदे होया, अर ना बाद म्ह कोए कदे होवैगा।
16 उस बखत दो वेश्या राजा कै धोरै आकै उसकै स्याम्ही खड़ी होई।
25 फेर राजा नै कह्या, "जिन्दे बाळक नै दो टुकड़े करकै आध्धा इसनै अर आध्धा उसनै दे द्यो।" 27 फेर राजा नै कह्या, "पैहली नै जिन्दा बाळक द्यो; उसनै ना मारो; क्यूँके उसकी माँ वाए सै।" 28 जो न्याय राजा नै करया था, उसकी खबर सारे इस्राएल नै मिली, अर उननै राजा का भय मान्या, क्यूँके उननै यो देख्या, के उसके मन म्ह न्याय करण कै खात्तर परमेसवर की बुद्धि सै।