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1 शमूएल 1:6,10,13-15,18,20

6 पर उसकी सौत इस कारण तै, के यहोवा नै उसकी कोख बन्द कर राक्खी थी, उस ताहीं भोत घणा चिढ़ाकै कुढ़ाती रहया करदी।

10 वो मन म्ह दुखी होकै यहोवा तै प्रार्थना करण अर बिलख-बिलख कै रोण लाग्गी।

13 हन्‍ना मन ए मन कहण लागरी थी; उसके होठ तो हाल्‍लै थे पर उसकी आवाज कोनी सुणै थी; ज्यांतै एली नै समझया के वा नशे म्ह सै। 14 फेर एली नै उसतै कह्या, "तू कद ताहीं नशे म्ह रहवैगी? अपणा नशा तार।" 15 हन्‍ना नै जवाब दिया, "न्ही, हे मेरे स्वामी, मै तो दुखियाँ सूं; मन्‍नै ना तो दाखमधु पिया सै अर ना मदिरा, मन्‍नै अपणे मन की बात खोलकै यहोवा तै कही सै। 18 उसनै कह्या, "तेरी दास्सी तेरी नजरां म्ह दया पावै।" फेर वा जनान्‍नी चली गई अर खाणा खाया, अर उसका मुँह फेर उदास न्ही रहया। 20 जब बखत आया अर हन्‍ना गर्भवती होई अर बखत पै उसकै एक बेट्टा होया, अर उसका नाम शमूएल1:20 शमूएल परमेसवर नै सुणली अर वो उसकी प्रार्थना का जवाब था। धरया क्यूँके वा कहण लाग्गी, "मन्‍नै यहोवा तै माँगकै इस ताहीं पाया सै।"

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