8 वो शमूएल के ठहराए होए बखत यानिके सात दिन ताहीं बाट देख्दा रहया; पर शमूएल गिलगाल म्ह न्ही आया, अर माणस उसके धोरै तै इनै-उनै होण लाग्गे। 9 फेर शाऊल नै कह्या, "होमबलि अर मेलबलि मेरै धोरै ल्याओ।" फेर उसनै होमबलि चढ़ाया। 10 जिस तरियां ए वो होमबलि चढ़ा चुक्या, तो के देक्खै सै के शमूएल आ पोहच्या; अर शाऊल उसतै मिलण अर नमस्कार करण लिकड्या। 11 शमूएल नै पूच्छया, "तन्नै के करया?" शाऊल नै कह्या, "जिब मन्नै देख्या के माणस मेरे धोरै तै इनै-उनै होण लाग्गे, अर तू ठहराए होए दिनां के भित्तर न्ही आया, अर पलिश्ती मिकमाश म्ह कठ्ठे होए सैं, 12 फेर मन्नै सोच्या के पलिश्ती गिलगाल म्ह मेरे पै इब्बे आ पड़ैंगे, अर मन्नै यहोवा तै बिनती भी न्ही करी; आखर मन्नै अपणी इच्छा ना रहन्दे भी होमबलि चढ़ाया।" 13 शमूएल नै शाऊल तै कह्या, "तन्नै मूर्खता का काम करया सै; तन्नै अपणे परमेसवर यहोवा के हुकम ताहीं न्ही मान्या; ना तो यहोवा तेरा राज्य इस्राएलियाँ के उप्पर सदा स्थिर राक्खैगा। 14 पर इब तेरा राज्य बणा न्ही रहवैगा; यहोवा नै अपणे खात्तर एक इसे माणस ताहीं ढूँढ़ लिया सै जो उसके मन कै मुताबिक सै; अर यहोवा नै उस्से ताहीं अपणी प्रजा पै प्रधान होण ताहीं ठैहराया सै, क्यूँके तन्नै यहोवा के हुकम ताहीं न्ही मान्या।"
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