9 पर अगाग पै, अर आच्छी तै आच्छी भेड़-बकरियाँ, गां-बळधां, मोट्टे पशुआं, अर मेम्नों, अर जो किमे आच्छा था, उनपै शाऊल अर उसकी प्रजा नै दया करी, अर उन ताहीं नाश करणा न्ही चाह्या; पर जो किमे तुच्छ अर निकम्मा था उसका उननै सत्यानाश करया।
20 शाऊल नै शमूएल तै कह्या, "इस म्ह कोए शक कोनी मन्नै यहोवा की बात मानकै जित्त यहोवा नै मेरे ताहीं भेज्या औड़ै चाल्या, अर अमालेकियाँ के राजा ताहीं ले आया सूं, अर अमालेकियाँ का सत्यानाश करया सै। 21 पर प्रजा के माणस लूट म्ह तै भेड़-बकरियाँ, अर गां-बळधां, यानिके नाश होण की उत्तम-उत्तम चिज्जां ताहीं गिलगाल म्ह तेरे परमेसवर यहोवा खात्तर बलि चढ़ाण खात्तर ले आए सां।" 22 शमूएल नै कह्या,
"के यहोवा होमबलियाँ, अर मेलबलियां तै उतणा खुश होवै सै,
जितना के अपणी बात के मान्ने जाण तै खुश होवै सै?
सुण, मानणा तो बलि चढ़ाण तै अर कान लगाणा मिंढयाँ की चर्बी तै बाध सै15:22 मिंढयाँ की चर्बी तै बाध सै यशा. 1:10-11; यिर्म. 6:20; 7:21-26; होशे. 6:6; आमोस. 5:21-24; मीका. 6:6-8।।
23 देख, बलवा करणा अर भावी कहण आळयां तै पूछणा एक ए बराबर पाप सै,
अर हठ करणा मूरतां अर गृहदेवत्यां की पूजा के बराबर सै।
तन्नै जो यहोवा की बात ताहीं तुच्छ जाण्या,
ज्यांतै उसनै तेरे ताहीं राजा होण खात्तर तुच्छ जाण्या सै।"